जयपुर मेट्रो फेज-2 और द्रव्यवती नदी पर एलिवेटेड रोड की घोषणा
Jaipur Metro Phase-2 and elevated road over Dravyavati
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में 28 फरवरी को विनियोग विधेयक के दौरान राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने दो बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे आने वाले दिनों में राजधानी जयपुर के ट्रैफिक भार में कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है। पहला है द्रव्यवती नदी पर एलिवेटेड रोड, दूसरा जयपुर मेट्रो फेज-2 का विस्तार। सीएम ने ऐलान कर दिया है कि जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 का जल्द शिलान्यास है। शहरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी यह है कि इस मेट्रो का 42.80 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो रूट तैयार होगा। सीएम ने बताया कि इस पर लगभग 13,600 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत आने का अनुमान है। इस विस्तार से मेट्रो नेटवर्क का दायरा बढ़ेगा। शहर के प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
जयपुर मेट्रो फेज-II का रूट जानिए क्यों है खास
जयपुर में मेट्रो फेज-II का रूट को लेकर प्रदेशवासी लगातार इंतजार कर रहे हैं। सीएम की ओर से इसे लेकर साफ संकेत दे दि गए हैं। बताया जा रहा है कि मेट्रो फेज-II का रूट इस तरह से तैयार किया गया है, जो सुविधाजनक हो। यह रूट ट्रैफिक सर्वे, फील्ड स्टडी और आर्थिक विश्लेषण के आधार पर तैयार किया गया है। नई योजना के तहत मेट्रो टोड़ी मोड़ (सीकर रोड) से लेकर प्रह्लादपुरा (टोंक रोड के पास रिंग रोड) तक चलेगी। यह करीब 43 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले जो डीपीआर बनी थी, उसमें सिर्फ अंबाबाड़ी से सीतापुरा तक 23 किलोमीटर और 20 स्टेशन का प्रस्ताव था, लेकिन अब रूट को बढ़ा दिया गया है ताकि ज्यादा इलाकों को फायदा मिल सके। यह कॉरिडोर शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों को जोड़ेगा और ट्रैफिक जाम से राहत देने में मदद करेगा। साथ ही सरकार जगतपुरा और वैशाली नगर जैसे तेजी से बढ़ रहे रिहायशी इलाकों में मेट्रो विस्तार पर भी विचार कर रही है।
जानिए कौनसा है जयपुर मेट्रो का पहला रूट
बता दें कि जयपुर मेट्रो का फेज-1 कॉरिडोर मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक संचालित हो रहा है। फेज-2 के पूरा होने पर मेट्रो नेटवर्क की लंबाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और शहर के औद्योगिक तथा रिहायशी इलाकों को सीधा कनेक्शन मिलेगा। परियोजना को राज्य सरकार की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में जयपुर को विस्तारित मेट्रो नेटवर्क का लाभ मिल सकता है।